Login
TheBookSearch - Find books easily - United Kingdom - Shipping costs to: United Kingdom of Great Britain and Northern IrelandThe Book Search - Shipping costs to: United Kingdom of Great Britain and Northern Ireland
Book search - United KingdomAll available rare and new books.

Hori (Hindi Drama), होरी - compare all offers

Prices2016201720182019
Mean£ 4.52 ( 5.08)¹ £ 4.39 ( 4.92)¹ £ 3.27 ( 3.67)¹ £ 4.07 ( 4.57)¹
Demand
9781613011614 - Munshi Premchand: Hori (Hindi Drama), होरी
1
Munshi Premchand (?):

Hori (Hindi Drama), होरी (2012) (?)

Delivery from: Netherlands

ISBN: 9781613011614 (?) or 161301161X, in english, Bhartiya Sahitya Inc. New

Direct beschikbaar
bol.com
‘होरी’ नाटक नहीं है प्रेमचंद जी के प्रसिद्ध उपन्यास गोदान का नाट्यरूपान्तर है। इसीलिये उसकी सीमाएँ हैं। प्रेमचंद और गोदान के बारे में कुछ कहने का न यह समय है और न उतना स्थान ही है। इतना कहना पर्याप्त होगा कि गोदान जन-जीवन के साहित्यकार प्रेमचंद का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। इसमें उन्होंने अभावग्रस्त भारतीय किसान की जीवन-गाथा का चित्र उपस्थित किया है। देहात की वास्तविक दशा का खाका खींचा है। इसमें हमारे ग्रामीण-जीवन की आशा-निराशा, सरलता-कुटिलता, प्रेम-घृणा, गुण-दोष सभी का मनोहारी चित्रण हुआ है। उपन्यास में एक दूसरी धारा भी है। वह है नगर सभ्यता की धारा जो ग्रामीण-जीवन के विरोध में उभरी है। प्रस्तुत रूपान्तर में उसे बिलकुल छोड़ देना पड़ा है। उसका कारण नाटक की सीमाएँ हैं।Taal: hi;Formaat: ePub met kopieerbeveiliging (DRM) van Adobe;Kopieerrechten: Het kopiëren van (delen van) de pagina's is niet toegestaan ;Geschikt voor: Alle e-readers te koop bij bol.com (of compatible met Adobe DRM). Telefoons/tablets met Google Android (1.6 of hoger) voorzien van bol.com boekenbol app. PC en Mac met Adobe reader software;Verschijningsdatum: december 2012;ISBN10: 161301161X;ISBN13: 9781613011614; Ebook | 2012
9781613011614 - Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्&#2342: Hori (Hindi Drama), होरी
2
Munshi Premchand, मुंशी प्रेमचन्&#2342 (?):

Hori (Hindi Drama), होरी (2012) (?)

Delivery from: Netherlands

ISBN: 9781613011614 (?) or 161301161X, probably in english, Bhartiya Sahitya Inc. New

Direct beschikbaar
bol.com
"होरी' नाटक नहीं है प्रेमचंद जी के प्रसिद्ध उपन्यास गोदान का नाट्यरूपान्तर है। इसीलिये उसकी सीमाएँ हैं। प्रेमचंद और गोदान के बारे में कुछ कहने का न यह समय है और न उतना स्थान ही है। इतना कहना पर्याप्त होगा कि गोदान जन-जीवन के साहित्यकार प्रेमचंद का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। इसमें उन्होंने अभावग्रस्त भारतीय किसान की जीवन-गाथा का चित्र उपस्थित किया है। देहात की वास्तविक दशा का खाका खींचा है। इसमें हमारे ग्रामीण-जीवन की आशा-निराशा, सरलता-कुटिलता, प्रेम-घृणा, गुण-दोष सभी का मनोहारी चित्रण हुआ है। उपन्यास में एक दूसरी धारा भी है। वह है नगर सभ्यता की धारा जो ग्रामीण-जीवन के विरोध में उभरी है। प्रस्तुत रूपान्तर में उसे बिलकुल छोड़ देना पड़ा है। उसका कारण नाटक की सीमाएँ हैं। Inhoud:Bindwijze: E-book;Verschijningsdatum: december 2012;Ebook formaat: Adobe ePub; Betrokkenen:Auteur: Munshi Premchand | मुंशी प्रेमचन्द;Co-auteur: मुंशी प्रेमचन्द;Uitgever: Bhartiya Sahitya Inc.; EAN: Overige kenmerken:Subtitel: होरी;Taal: hi; E-book | 9781613011614
9781613011614 - Munshi Premchand: Hori (Hindi Drama), होरी
3
Munshi Premchand (?):

Hori (Hindi Drama), होरी (2012) (?)

Delivery from: Netherlands

ISBN: 9781613011614 (?) or 161301161X, in english, Bhartiya Sahitya Inc. New

Direct beschikbaar
bol.com
‘होरी’ नाटक नहीं है प्रेमचंद जी के प्रसिद्ध उपन्यास गोदान का नाट्यरूपान्तर है। इसीलिये उसकी सीमाएँ हैं। प्रेमचंद और गोदान के बारे में कुछ कहने का न यह समय है और न उतना स्थान ही है। इतना कहना पर्याप्त होगा कि गोदान जन-जीवन के साहित्यकार प्रेमचंद का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। इसमें उन्होंने अभावग्रस्त भारतीय किसान की जीवन-गाथा का चित्र उपस्थित किया है। देहात की वास्तविक दशा का खाका खींचा है। इसमें हमारे ग्रामीण-जीवन की आशा-निराशा, सरलता-कुटिलता, प्रेम-घृणा, गुण-दोष सभी का मनोहारी चित्रण हुआ है। उपन्यास में एक दूसरी धारा भी है। वह है नगर सभ्यता की धारा जो ग्रामीण-जीवन के विरोध में उभरी है। प्रस्तुत रूपान्तर में उसे बिलकुल छोड़ देना पड़ा है। उसका कारण नाटक की सीमाएँ हैं।Taal: hi;Formaat: ePub met kopieerbeveiliging (DRM) van Adobe;Verschijningsdatum: december 2012;ISBN13: 9781613011614; Ebook | 2012
9781613011614 - Munshi Premchand: होरी (Hindi Drama)
4
Munshi Premchand (?):

होरी (Hindi Drama) (2011) (?)

ISBN: 9781613011614 (?) or 161301161X, in english, New, ebook, digital download

Free shipping, Download
From Seller/Antiquarian
‘होरी’ नाटक नहीं है प्रेमचंद जी के प्रसिद्ध उपन्यास गोदान का नाट्यरूपान्तर है। इसीलिये उसकी सीमाएँ हैं। प्रेमचंद और गोदान के बारे में कुछ कहने का न यह समय है और न उतना स्थान ही है। इतना कहना पर्याप्त होगा कि गोदान जन-जीवन के साहित्यकार प्रेमचंद का सर्वश्रेष्ठ उपन्यास है। इसमें उन्होंने अभावग्रस्त भारतीय किसान की जीवन-गाथा का चित्र उपस्थित किया है। देहात की वास्तविक दशा का खाका खींचा है। इसमें हमारे ग्रामीण-जीवन की आशा-निराशा, सरलता-कुटिलता, प्रेम-घृणा, गुण-दोष सभी का मनोहारी चित्रण हुआ है। उपन्यास में एक दूसरी धारा भी है। वह है नगर सभ्यता की धारा जो ग्रामीण-जीवन के विरोध में उभरी है। प्रस्तुत रूपान्तर में उसे बिलकुल छोड़ देना पड़ा है। उसका कारण नाटक की सीमाएँ हैं।
9781613011614 - Munshi Premchand: Hori (Hindi Drama)
5
Munshi Premchand (?):

Hori (Hindi Drama) (2012) (?)

ISBN: 9781613011614 (?) or 161301161X, in english, Bhartiya Sahitya Inc. Bhartiya Sahitya Inc. Bhartiya Sahitya Inc. New, ebook, digital download

in-stock
From Seller/Antiquarian
' '
9781613011614 - Munshi Premchand: Hori (Hindi Drama)
6
Munshi Premchand (?):

Hori (Hindi Drama) (2012) (?)

ISBN: 9781613011614 (?) or 161301161X, in english, Bhartiya Sahitya Inc. Bhartiya Sahitya Inc. Bhartiya Sahitya Inc. New, ebook, digital download

in-stock
From Seller/Antiquarian
' ' , - , - ,